दशहरा 2026 (विजयादशमी) मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है। शमी पूजा, अपराजिता पूजा और नए काम की शुरुआत के लिए दिन का सबसे शुभ समय, विजय मुहूर्त, नई दिल्ली में लगभग दोपहर 2:00 से 2:43 बजे तक है। रावण दहन सूर्यास्त के बाद होता है, जो दिल्ली में लगभग शाम 5:46 बजे है। दशहरा नवरात्रि (11 से 19 अक्टूबर) के नौ दिनों का समापन है और दिवाली (8 नवंबर) से 19 दिन पहले आता है।
दशहरा 2026 एक नज़र में
| नई दिल्ली | |
|---|---|
| तारीख | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 |
| तिथि | आश्विन शुक्ल दशमी |
| विजय मुहूर्त | लगभग दोपहर 2:00 से 2:43 |
| सूर्यास्त | लगभग शाम 5:46 |
| रावण दहन | सूर्यास्त के बाद (समय स्थानीय रामलीला समिति तय करती है) |
| महा नवमी (एक दिन पहले) | सोमवार, 19 अक्टूबर |
मुहूर्त शहर के अनुसार 10 से 30 मिनट बदलता है, और पंचांगों में थोड़ा अंतर हो सकता है। अपना स्थानीय पंचांग देखें या पंडित जी से पूछें।
दशहरा क्यों मनाया जाता है
विजयादशमी यानी "विजय की दशमी"। यह दो विजयों का दिन है: भगवान राम की रावण पर विजय, जिसे उत्तर भारत में रामलीला में दिखाया जाता है और रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाकर समाप्त किया जाता है; और माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय, नौ रातों के युद्ध के बाद, इसीलिए यह नवरात्रि का समापन है। दोनों कथाओं का सार एक है: धर्म की अधर्म पर, अच्छाई की अहंकार पर जीत।
घर पर शमी और अपराजिता पूजा
दोपहर में, संभव हो तो विजय मुहूर्त में:
- अपराजिता पूजा: साफ़ जगह पर चावल या रोली से अष्टदल कमल बनाएँ और देवी अपराजिता की फूल, रोली और अक्षत से पूजा करें, काम में सफलता और परिवार की रक्षा की प्रार्थना के साथ।
- शमी पूजा: शमी के पेड़ (या डाली) की जल, रोली, चावल और दीपक से पूजा करें। महाभारत में पांडवों ने अज्ञातवास में अपने शस्त्र शमी के पेड़ में छिपाए थे और इसी दिन वापस लिए थे।
- शमी (या आपटा) के पत्ते "सोना" कहकर बाँटें, महाराष्ट्र और कर्नाटक की प्रिय रीति, समृद्धि की शुभकामना के साथ।
- शस्त्र पूजा: अपने काम के साधनों को साफ़ करके पूजें: किताबें, कलम, लैपटॉप, वाहन या औज़ार।
भारत में दशहरा कैसे मनाया जाता है
- उत्तर भारत: रामलीला का समापन और सूर्यास्त के बाद रावण दहन।
- बंगाल और पूर्व: बिजोया दशमी, दुर्गा विसर्जन और सिंदूर खेला।
- कर्नाटक: मैसूर दशहरा और जंबू सवारी।
- केरल: विद्यारंभम, जब छोटे बच्चे पहले अक्षर लिखते हैं।
- तमिलनाडु और आंध्र: गोलु या बोम्मल कोलुवु का समापन; आयुध पूजा नवमी को।
- गुजरात: गरबा की आखिरी रातें, और दशहरे की सुबह फाफड़ा-जलेबी।
नवरात्रि का सही समापन
अगर आपने नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पढ़ी है, तो दशहरे पर समापन प्रार्थनाएँ और क्षमा प्रार्थना करें; कई परिवार इसी दिन कलश और घट का विसर्जन करते हैं। The Complete Book of Durga Saptashati में नवरात्रि 2026 कैलेंडर, रोज़ की पूजा विधि और सभी 700 श्लोक संस्कृत, रोमन लिप्यंतरण और अंग्रेज़ी अर्थ के साथ हैं। किताब अंग्रेज़ी में है। तुरंत PDF, ₹199।
दिवाली 19 दिन बाद है। Festival Season Pack में दुर्गा सप्तशती, करवा चौथ और दिवाली पूजा विधि की किताबें एक साथ, ₹449। यह भी देखें: कन्या पूजन 2026, दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त और हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026–27।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में दशहरा कब है?
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026, महा नवमी के अगले दिन।
दशहरा 2026 पर विजय मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली में लगभग दोपहर 2:00 से 2:43 बजे। अन्य शहरों में कुछ मिनट का अंतर होता है।
दशहरा 2026 पर रावण दहन कितने बजे है?
सूर्यास्त के बाद, जो दिल्ली में लगभग शाम 5:46 बजे है। सटीक समय स्थानीय रामलीला समिति तय करती है।
दशहरे पर शमी के पत्ते क्यों दिए जाते हैं?
पांडवों ने अज्ञातवास में अपने शस्त्र शमी के पेड़ में छिपाए थे और विजयादशमी पर वापस लिए थे। पत्ते बाँटना समृद्धि की शुभकामना है।
2026 में दशहरे के कितने दिन बाद दिवाली है?
19 दिन। दिवाली (लक्ष्मी पूजा) रविवार, 8 नवंबर 2026 को है।
परिवारों और क्षेत्रों की परंपराएँ अलग होती हैं; जहाँ आपकी अलग हो, अपनी परंपरा मानें।