दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को है, कार्तिक अमावस्या की रात, जब परिवार माँ लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करते हैं और घर को दीयों से सजाते हैं। नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का सबसे प्रचलित मुहूर्त लगभग शाम 6:29 से 8:29 बजे है।
दिवाली 2026 के पाँच दिन
| दिन | तारीख | त्योहार |
|---|---|---|
| 1 | शुक्रवार, 6 नवंबर | धनतेरस (यम दीपदान) |
| 2 | शनिवार, 7 नवंबर | नरक चतुर्दशी · छोटी दिवाली |
| 3 | रविवार, 8 नवंबर | लक्ष्मी पूजा · दिवाली |
| 4 | सोमवार, 9 नवंबर | गोवर्धन पूजा · अन्नकूट |
| 5 | 10 या 11 नवंबर | भाई दूज (इस साल पंचांगों में अंतर है; ज़्यादातर 11 नवंबर) |
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026
लक्ष्मी पूजा अमावस्या को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है। नई दिल्ली के लिए सबसे प्रचलित मुहूर्त 8 नवंबर को लगभग शाम 6:29 से 8:29 बजे है। कुछ पंचांग गणना के अनुसार लगभग शाम 5:54 से 7:50 बजे का समय भी देते हैं।
शहर के अनुसार 10–30 मिनट का अंतर होता है। अगर आपका परिवार किसी विशेष पंचांग या पंडित जी को मानता है, तो उन्हीं का समय अपनाएँ। कई परिवार सांझ होते ही दीये जलाकर पूजा शुरू कर देते हैं।
लक्ष्मी से पहले गणेश पूजा क्यों?
हर पूजा विघ्नहर्ता गणेश जी से शुरू होती है। दिवाली पर इसका सुंदर अर्थ है: धन से पहले बुद्धि और शुभ आरंभ आए, ताकि समृद्धि का सही उपयोग हो।
घर पर लक्ष्मी-गणेश पूजा: सरल विधि
- सफाई और सजावट। साफ़ और रोशन घर में लक्ष्मी आती हैं। द्वार पर रंगोली बनाएँ।
- चौकी सजाएँ लाल कपड़े के साथ। बाईं ओर गणेश जी, दाईं ओर लक्ष्मी जी, और जल से भरा कलश रखें।
- दीया जलाएँ और पूजा का संकल्प लें।
- पहले गणेश पूजा रोली, चावल, फूल और मिठाई से।
- फिर लक्ष्मी पूजा; आता हो तो श्री सूक्त या 108 नाम पढ़ें।
- आरती: जय गणेश देवा, फिर ओम जय लक्ष्मी माता।
- पूरे घर में दीये जलाएँ और कम से कम एक दीया रात भर जलता रखें।
व्यापारी परिवार इसी मुहूर्त में नए खातों का चोपड़ा पूजन भी करते हैं।
सामग्री सूची
चौकी और लाल कपड़ा, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या चित्र, आम के पत्तों वाला कलश, नारियल, दीये और घी, रोली, हल्दी, अक्षत, फूल और माला, धूप, मिठाई (खासकर खीर या लड्डू), खील-बताशे, सिक्के, और चोपड़ा पूजन के लिए नया खाता।
दिवाली पूजा की पूरी किताब
The Complete Diwali Puja Vidhi 2026 में पाँचों दिनों का सब कुछ है: 2026 की तारीखें और मुहूर्त, पूरी लक्ष्मी-गणेश पूजा क्रम से (15 मिनट के छोटे रूप सहित), अर्थ सहित श्री सूक्त और गणपति अथर्वशीर्ष, गणेश और लक्ष्मी के 108 नाम, दोनों आरतियाँ, चोपड़ा पूजन, गोवर्धन पूजा और भाई दूज। किताब अंग्रेज़ी में है, हर मंत्र देवनागरी संस्कृत, रोमन लिप्यंतरण और अंग्रेज़ी अर्थ के साथ। तुरंत PDF, ₹199।
दिवाली के छह दिन बाद छठ पूजा: छठ पूजा 2026 अर्घ्य का समय। सभी त्योहार: हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026–27।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिवाली 2026 कब है?
दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को है, कार्तिक अमावस्या की रात, जब लक्ष्मी पूजा की जाती है।
दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली में लगभग शाम 6:29 से 8:29 बजे। कुछ पंचांग लगभग शाम 5:54 से 7:50 बजे बताते हैं।
धनतेरस 2026 कब है?
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026, दिवाली के पाँच दिनों में पहला दिन।
भाई दूज 2026 कब है?
ज़्यादातर पंचांगों में बुधवार, 11 नवंबर 2026; कुछ में 10 नवंबर।
दिवाली पर लक्ष्मी से पहले गणेश पूजा क्यों होती है?
हर पूजा विघ्नहर्ता गणेश जी से शुरू होती है; दिवाली पर इसका अर्थ है कि धन से पहले बुद्धि आए।
रीति-रिवाज़ परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग होते हैं; जहाँ आपकी परंपरा अलग हो, उसी का पालन करें।